People’s Vigilance Committee On Human Rights (PVCHR)/Jan Mitra Nyas (JMN) Reporting Quarter: 1 July, 2020 to 30 Sep, 2020

 

Name of the Organization & Logo

People’s Vigilance Committee On Human Rights (PVCHR)/Jan Mitra Nyas (JMN)



  

Name of the Project:

Eastern UP initiative (Madarsa Improvement Program in 20 Madarsa of Varanasi)

Reporting Quarter:

1 July, 2020 to 30 Sep, 2020

Report No.:

TWM/QPR/2  (n= nth Quarterly report)

 

Table Of content:

1. Project Synopsis

2. Targets vs Achievements

3. Financial Analysis

4. Highlights: Major activities

5. Key issues and challenges

6. Best Practices

7. Photographs

8. Look ahead for next quarter

 

 

 

1.    Project Synopsis

मदरसों में गुणवत्तापूर्ण दुनियाबी तालीम

मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में खासकर गरीब मुस्लिम परिवार या बुनकर परिवार के बच्चो को गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक शिक्षा सर्व-सुलभ ढ़ग से उपलब्ध नहीं हो पाती है | जिस कारण ऐसे परिवार अपने बच्चो की प्राथमिक शिक्षा या उसके ऊपर की शिक्षा के प्रति बहुत संवेदित नहीं हो पाती है | इसका एक कारण यह भी है कि मुस्लिम टोलों में सरकारी प्राथमिक विद्यालय का काफी अभाव है | इसका एक उदाहरण वाराणसी शहर का मुस्लिम बाहुल्य इलाका बजरडीहा है | जिसकी आबादी 2 से 2.5 लाख है और यहाँ मात्र एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय है | इस क्षेत्र में कोइ भी सरकारी माध्यमिक विद्यालय नहीं है |

लोहता ग्राम पंचायत काशी विद्यापिठ ब्लॉक में है। यह मुस्लिम बुनकर बाहुल्य आबादी वाला क्षेत्र है | लोहाता की आबादी लगभग 121135 है लेकिन उसके बावजूद भी यहाँ पर केवल 20 आंगनवाड़ी केंद्र है और केवल 2 सरकारी प्राथमिक विद्यालय और 1 सरकारी मिडिल स्कूल है | यहाँ पर प्राईवेट स्कूल तो है परन्तु उनकी फीस इतनी है की इन बुनकरों की आमदनी में उन्हें दे पाना उनके समर्थ के बाहर है | जिस कारण इनके लिए शिक्षा का एकमात्र साधन मदरसे ही है | यहाँ की साक्षरता दर लगभग 50% है जिसमे से पुरुष साक्षरता दर 54% और महिला साक्षरता दर 45% है | लोहता में बुनियादी सुविधाएं बहुत खराब स्थिति में हैं | बुनकरी में आयी मंदी के कारण इनकी आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है | जिसके कारण लोगों ने बुनकरी छोड़कर अन्य काम शुरू किया जैसे रिक्शा चलाना, चाय बेचना, पुडी कचौड़ी की  दुकान, तथा यहाँ महिलाएं और बच्चे साड़ी और सलवार कुर्ता पर टिककी लगाने का काम करते है |

       उक्त कारणों से इन टोलो के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा हेतु सिर्फ मदरसे ही विकल्प के रूप में मिलते हैं | जबकि मदरसे दुनियावी तालीम की बजाय दीनी तालीम को ज्यादा महत्व देते हैं | इस कारण मदरसों में अक्सर यह देखने में आता है कि बच्चो के लिये दुनियावी विषयों को पढ़ाने की व्यवस्था तो कर दी जाती है | लेकिन मदरसों की लचर व्यवस्था, अप्रशिक्षित टीचर, सहायक शिक्षण सामाग्रियों का अभाव व बच्चो के साथ सही शैक्षणिक प्रक्रिया न चलाने के परिणामस्वरूप दुनियावी शिक्षा सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण नहीं हो पाती है |

मदरसों में मिलने वाली शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण बनाने में आने वाली समस्याओं को देखते हुए तथा इनके समग्र विकास के लिये मदरसों में गुणवत्तापूर्ण दुनियावी तालीम पर मानवाधिकार जननिगरानी समिति ने जोर दिया | साथ ही मदरसों को आदर्श मदरसा बनाने हेतु एक ऐसी शिक्षा प्रणाली विकसित करने की कोशिश की जा रही है, जिसमें मानक पाठ्यक्रम के अनुसार पाठ्य पुस्तकें, कुशल प्रशिक्षित शिक्षक, बाल केन्द्रित शिक्षण पद्धति, सहज मूल्यांकन प्रक्रिया, सिखने-सिखाने की प्रक्रिया इस तरह की हो जिसमें बच्चों की रूचि बनी रहे, रूचिकर पूर्ण शिक्षा हेतु विभिन्न प्रकार के TLM का निमार्ण करना, जिससे बच्चों की विषयगत दक्षता व स्तरानुसार क्षमताओ एवं दक्षताओं में वृद्धि की जा रही है | धीरे धीरे इन मदरसों पर पर बदलाव दिखाई देता हुआ दिखाई दे रहा है | इसी कड़ी में वातावरण को और सहज व शैक्षणिक बनाने के उद्देश्य से इन मदरसों में लाईब्रेरी की शुरुआत भी की जायेगी | जिससे विषयगत ज्ञान के साथ ही अन्य मुद्दों व सामाजिक विषयो  पर अपनी समझ विकसित कर सकेंगे |  

 

 

 

Sl

 

Name & Address of School/Madarsa

No. of Students

Male

Female

Total

1

M kadariya raza E Kakarmatta

83

106

189

2

M Nooriya Asharafiya Ansarnagar, Bajardiha

146

144

290

3

Madarsa Nomaniya Noornagar, Bajardiha

93

90

183

4

MadarsaTalimul kuran Teliyana, Bajardiha

46

47

93

5

Madarsa Usmaniya, Bajardiha

270

373

643

6

Madarsa Aysha siddika, Bajardiha

0

245

245

7

Madarsa Kadariyagausiya Nawabganj

79

65

144

8

 Madarsa raza ul uloom Kasmiriganj

26

22

48

9

Madarsa Anwarul uloom, Bajardiha

25

17

42

10

Madarsa darul furkan jakkha, Bajardiha

38

36

74

11

Madarsa Rashidul uloom, Bajardiha 

142

209

351

12

Madarsa  Nooriya rizviya, Bajardiha

139

189

328

13

Madarsa Raunkul islam, Bajardiha

237

264

501

14

Madarsa Madintul ashraf, Bajardiha

86

106

192

15

Madarsa mohmmadiya, Lohata

185

204

389

16

Madarsa ahmad raza Dhannipur, Lohta 

237

262

499

17

Madarsa talimul islam, Lohta

229

294

523

18

Madarsa islahul momineen, Lohata

63

56

119

19

Madarsa aftabe risalat, Lohata

299

308

607

20

Madarsa seratul uloom, Lohata

53

75

128

21

 Suheldev Janmitra shikshan kendra, Baghwanala

34

35

69

 

Total

2510

3147

5657

 

 

 

Number of Madarsa Facilitator

Sl

Number Of Madarsa

Female

Male

Total

1

20

8

7

15

 

Note : 10 MIP facilitator and 5 ITE facilitator.

 

 

रेमेडियल शैक्षणिक कार्यक्रम

     दलित और वंचित समुदाय में शिक्षा की जागरूकता की कमी व आर्थिक स्थिति कमजोर होने व सरकारी स्कूलों का न होना, अध्यापको की कमी से बच्चो की शिक्षा में गुणवत्ता में कमी रह जाती है | जिसे देखते हुए इस शिक्षा कार्यक्रम को चलाने के लिए इस क्षेत्र का चयन किया गया जहाँ पर समुदाय के बीच शिक्षा का स्तर बहुत ही पिछड़ा था | ऐसे समुदाय के बच्चो के साथ शैक्षणिक प्रक्रिया चला कर उम्र अनुसार दक्षता लाकर शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ना व उनके ठहराव को सुनिश्चित करना है | इसके साथ ही यहाँ से निकलने वाले बच्चो को अन्य स्कूलों में मुख्यधारा से जोड़ा जाता रहा है | आज यहाँ पर कुछ बच्चे व बच्चियां है जो स्नातक व स्नात्तकोत्तर कर रहे है | यहाँ पर बाल पंचायत मजबूती से काम कर रही है | यहाँ पर सरकारी विद्यालय न होने व समुदाय की आर्थिक स्थिति ख़राब होने के कारण प्राईवेट स्कूलों में फीस न दे पाने के कारण बच्चो की पढाई बाधित हो रही थी जिसे देखते हुए यहाँ पर अनौपचारिक शिक्षण केंद्र चलाकर इन बच्चो की शिक्षा को जारी रखते हुए उन्हें बाल मजदूरी व बाल विवाह जैसी कुरीतियों से दूर रखा जा रहा है | इसके साथ ही यहाँ पर ITE सेंटर की मदद से FTC सेंटर के बच्चो के साथ ही साथ बाल पंचायत के यूथ बच्चे ITE की मदद से अपने आगे की पढाई में तकनीकी की मदद लेंगे |

 

 

Sl

Name Of Remedial Centre

F

M

Total

1.

Raja Suhail Dev Jan Mitr Shikshan Kendra, Baghwanala, Varanasi

39

39

78

 

Sl

Number Of Teachers

F

M

Total

1.

2

1

1

2

 

Note : one facilitator supported for ITE by TATA Trust and one teacher for remedial by PVCHR.

 

 

 

Integrated Approach to Technology in Education (ITE)

        Integrated Approach to Technology in Education (ITE) के माध्यम से छात्रो और अध्यापको को पाठ्यक्रम को अधिक सरल ढंग से व्यक्त करने की क्षमता का विकास करना | अध्यापक द्वारा अपने लेसन प्लान में इसकी सहायता से सरलतम और रोचक बनाया जाएगा जो शिक्षा शास्त्र और पाट्यक्रम के अनुरूप होगा | अध्यापक द्वारा लर्निंग गतिविधि तैयार की जायेगी और बच्चे तकनीकी इस्तेमाल करके स्वयं की लर्निंग क्षमता बढाने का अवसर प्राप्त होगा साथ ही साथ शिक्षा में बच्चो की रूचि बढ़ेगी | बच्चे तकनीक के इस्तेमाल से शिक्षा प्राप्त करने के साथ साथ फोटोग्राफी, विडियोग्राफी व अन्य तरीको से पाठ्यक्रम के अनुरूप स्वयं का व अपने साथियो की मदद के लिए प्रोजेक्ट तैयार करेंगे | जिस आधार पर अध्यापको द्वारा उनका मूल्यांकन भी किया जाएगा | इसके साथ ही दिनी तालीम में कैसे तकनिकी को जोड़कर दुनियाबी तालीम कि ओर ले जा सकते है इस पर भी प्लान बनाया जा रहा है |

 

 

Sl

Name Of ITE centres

F

M

Total

1

Madarsa Madintul Asharf Azeemnagar Bajardeeha Varanasi

27

12

39

2

Madarsa Nooria Rizvia Razanagar Bajardeeha Varanasi

38

16

54

3

Madrasa Raunaqul Islam Ajadnagar Bajardeeha Varanasi

78

47

125

4

Madarsa Rijviya Rashidululum, Makdoom Nagar,  Bajardeeha Varanasi

50

25

75

5

Raja Suhail Dev Jan Mitr Shikshan Kendra, Baghwanala, Varanasi

30

14

44

 

Grand Total

223

114

337

 

 

बाल पंचायत का सशक्तिकरण

laxBu }kjk cPpksa ds साथ pyk;s जा रहे 'kS{kf.kd xfrfof/k ds mijkUr lHkh bykdksa esa cPpksa ds cky lewg dk xBu करने की प्रक्रिया शुरू हुई है | अगुआ बच्चो की पहचान की जा रही है जिसके बाद vxqvk cPpksa ds usr`Ro esa ,d dsfUnz; laxBu ds :i esa izR;sd Cykd esa ,d cky iapk;r dks [kM+k किया जाएगा] cky iapk;r de ls de izR;sd ekg esa ,d cSBd djsxk lkFk gh izR;sd rhu ekg ij lHkh Cykdksa ds cky iapk;r ds izfrfuf/k dsfUnz; dk;kZy; ij cSBd dj ckykf/kdkj o f'k{kk vf/kdkj ds en~nsutj mls tehu ij ykxw djkus ds fy, 'kklu&iz'kklu o LFkkuh; fudk;ksa dks i= fy[ksxsaA बाल पंचायत द्वारा प्रतिवर्ष न्यूज़ लेटर व एक बाल पत्रिका का प्रकाशन किया जायेगा | कंप्यूटर शिक्षा प्राप्त कर रहे बाल समूह के चयनित बच्चो द्वारा अपना ब्लाग संचालित किया जायेगा | मदरसे के बच्चो एवं अन्य बच्चो के मध्य संवाद स्थापित करने हेतु गतिविधि चलाई गयी है | बाल सहभागिता में बृद्धि हेतु बाल पंचायत सदस्यों का स्थानीय निकाय व स्वशासन के साथ संवाद और अन्य गतिविधिया संचालित की जायेगी | साथ ही सभी चयनित मदरसों में बाल पंचायत का गठन कर उन्हें सशक्त बनाकर बालाधिकार के मुद्दे पर उनकी समझ विकसित की जायेगी | जिससे बाल भागीदारी में उनकी मजबूत भागीदारी सुनिश्चित हो सके | सभी चयनित मदरसों में इसी बाल पंचायत को मजबूत करने के लिए मानवाधिकार शिक्षा कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा | जिससे मानवाधिकार के मुद्दों को लेकर बच्चो की समझ विकसित हो और वो इन मुद्दों पर पहल करने में सक्षम हो सके और बच्चो के आत्मविश्वास में बृद्धि हो सके | इसी क्रम में 18 मदरसों में बाल पंचायत का गठन कर लिया गया है |

 

 

2.    Targets vs Achievements:

 

(High-level view of the TIMES and AWP for tabular presentation on annual targets vs. achievement)

Based on TIMES

 

Sl. No.

Indicator Type

(Activity/ Output/ Outcome)

Indicator

Target

FY 2019-

20

Achievement

FY 2019-

20

Target

FY 2020-

21

Achievement

FY 2020-

21

 

 

MIP

 

 

 

 

1

 

What is the total number of girls enrolled under the intervention

2400

3147

2700

 

2

 

What is the total number of girls who have completed the intervention?           

178

178

200

 

3

 

How many students can use any technology application (MS Paint, Ms Word, Power Point etc.) and/or can browse the internet for information?                       

 

500

337

500

 

4

 

What is the total number of boys who have completed the intervention? –               

 

68

68

100

 

5

 

How many teachers have been trained on library work?                          

20

24

20

 

6

 

What is the total number of boys enrolled under the intervention?  -                         

2100

2510

2300

 

 

 

ITE

 

 

 

 

1

 

How many schools have a functional ICT Lab? 

5

5

5

 

2

 

How many students can use any technology application (MS Paint, Ms Word, Power Point etc.) and/or can browse the internet for information?            

500

337 

500

 

3

 

How many students can create artifacts using relevant technology? 

250

218

250

 

4

 

How many teachers trained to integrate technology in teaching learning through workshops?

10

9

10

 

Based on AWP

 

Sl. No.

Head

Planned No.

FY 2019-

20

Achieved No.

FY 2019-

20

Planned No.

FY 2020-

21

Achieved No.

FY 2020-

21

 

MIP

 

 

 

 

 

Training/workshop for Madrasa Teachers

60 Teachers

79

60 Teachers

 

 

Total number of actual attended in the madrasas

 4000

4244

 

 5000

 

 

Training for the facilitators

20 Days

11

20 Days

 

 

Teachers collective meeting at Madrasa level

60 Teachers

79

60 Teachers

 

 

Number of Demonstrative classes conducted

6000

8410

6000

 

 

Number of Library sessions conducted

2000

2137

2000

 

 

Community engagement/Mobilisation

8

11

8

 

 

Integrated Approach to Technology in Education(

 

 

 

 

 

Number of ITE centres functioning

5

5

5

 

 

Avg. Attendance in ITE Centres   (Applicable in DI Only)

0

0

0

 

 

Total participated in ITE centres
(Only for Non-DI)

500

337

500

 

 

Number of Projects prepared by students

100

94

100

 

 

Project presentation in ITE centre by students

100

94

100

 

 

Training/workshops of Facilitators

10 Days

5 Days

10 Days

 

 

Government/Madrasa/Private-School Teacher orientation on ITE.

10

12

10

 

 





4.    Highlights: Major activities 

 

·        जुलाई माह से फैसिलिटेटर द्वारा बच्चो को अपने घर पर एकत्रित करके विषयगत और लाईब्रेरी सम्बंधित गतिविधियाँ चलाई जा रही है | जिसमे 50 बच्चो तक पहुच बन पायी है |

·        फैसिलिटेटर द्वारा विषयगत गतिविधियों प्लान के अनुसार भाषा, गणित और ईवीएस पर बच्चो को विभिन्न ग्रेड अनुसार बच्चो को पढाया जा रहा है

·        फैसिलिटेटर द्वारा भाषा में बच्चो से शब्दों का मेल, अक्षर से शब्द बनवाना, शब्दों की अन्ताक्षरी, चित्र से कहानी बनवाना, अधूरी कहानी को पूरा करना, चयनित शब्दों से कहानी बनाना, पैराग्राफ पढवाना इत्यादि गतिविधियाँ की जा रही है |

·        फैसिलिटेटर द्वारा व्याकरण में संज्ञा, सर्वनाम, विलोम, पर्यायवाची, शब्दों की तुकबंदी सम्बंधित गतिविधियाँ करायी जा रही है | 

·        फैसिलिटेटर द्वारा गणित में छोटी संख्याओ व बड़ी संख्याओ का जोड़-घटाना, गुणा-भाग, साधारण भिन्न, दशमलव, आकृति की पहचान, इबारती प्रश्न विभिन्न गतिविधियों के द्वारा बच्चो को पढाया जा रहा है |

·        फैसिलिटेटर द्वारा ईवीएस में आस-पास के पर्यावरण से सम्बंधित विभिन्न जानकारिया, साफ़-सफाई, स्वास्थ्य सम्बंधित, कोविड-19 से सम्बंधित जानकारी, सुरक्षा व बचाव, रहन-सहन को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चो को पढाया जा रहा है 

·        फैसिलिटेटर द्वारा लाईब्रेरी में स्वतंत्र पाठन, स्टोरी टेलिंग, बुक टॉक, रीड अलाउड, इत्यादि गतिविधियाँ के माध्यम से बच्चो का पढाई की तरफ रुझान बढ़ाने साथ साथ रजिस्टर पर किताबो का लेन-देन भी किया जा रहा है |

·        प्रति सप्ताह फोन कांफ्रेंस द्वारा फैसिलिटेटर द्वारा किये जा रहे गतिविधियों पर मीटिंग किया जाता है उनके अनुभव, चुनौतिया शेयर किया जाता है जिसपर उन्हें सुझाव दिया जाता है |

·        फैसिलिटेटर और बच्चो के साथ जुलाई में टाटा ट्रस्ट्स द्वारा आयोजित वेबनार के माध्यम से प्राकृतिक आपदा विषय आधारित तीन दिवसीय ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता में भागीदारी किया गया | जिसमे बच्चो ने अपने दिए टास्क को पुरा कर उसपर अपनी प्रस्तुति की और सवाल जवाब में भागीदारी की |

·        बच्चो के साथ विभिन्न गतिविधियों व विषयगत पाठ, लाईब्रेरी सम्बंधित गतिविधियाँ और किताबो को whatsapp के माध्यमसे बच्चो के साथ साझा किया जाता है और उनकी प्रतिक्रया ली जाती है | जिसमे 250 बच्चे जुड़े है

·        सप्ताह में 2 बार गूगल फॉर्म, क्विज.काम, kahoot के माध्यम से विषयगत व सामान्य अध्ययन सम्बंधित प्रश्नावली तैयार कर लिंक के माध्यम से whatsapp पर साझा किया जाता है और उनकी प्रतिक्रया ली जाती है और उसकी रिपोर्ट तैयार की जाती है |

·        लाईब्रेरी खिड़की को बच्चो के साथ साझा किया जा रहा है और उन्हें व उनके अभिभावकों के साथ ही साथ अध्यापको  को भी पढने के लिए प्रेरित किया जा रहा है |

·        जुलाई में सभी फैसिलिटेटर के साथ पराग टाटा ट्रस्ट द्वारा ज़ूम के माध्यम से पुस्तकालय सम्बंधित लाईब्रेरी की कहानी विषय पर पार्टनर द्वारा अनुभव शेयरिंग व चर्चा परिचर्चा किया गया

·        जुलाई माह में पराग टाटा ट्रस्ट द्वारा ज़ूम के माध्यम से कमला भसीन जी के साथ जेंडर पर चर्चा परिचर्चा करवाई गुई इसके पहले फैसिलिटेटर द्वारा जेंडर पर विभिन्न प्रश्न बनाकर दिया गया था जिस पर उन्होंने अपना जवाब दिया था |

·        जुलाई माह में बच्चो द्वारा लाईब्रेरी के माध्यम से 331 किताबे पढी गयी |

·        अगस्त माह में 332 बच्चो के साथ फैसिलिटेटर द्वारा बच्चो को अपने घर पर एकत्रित करके विषयगत और लाईब्रेरी सम्बंधित गतिविधियाँ चलाई जा रही है |

·        अगस्त माह में 204 डेमो प्लान के अनुसार भाषा, गणित और ईवीएस पर बच्चो को विभिन्न ग्रेड अनुसार फैसिलिटेटर द्वारा बच्चो के साथ किया गया |

·        अगस्त माह में 306 लाईब्रेरी सत्र फैसिलिटेटर द्वारा बच्चो के साथ चलाया गया जिसमे स्टोरी टेलिंग, बुक टॉक, रीड अलाउड, इत्यादि के साथ गतिविधियाँ चलाई गयी |

·        अगस्त में 17 मदरसा टीचर और 17 फैसिलिटेटर के साथ पराग टाटा ट्रस्ट द्वारा ज़ूम के माध्यम से पुस्तकालय गतिविधि सम्बंधित तीन दिवसीय ट्रेनिंग कराई गयी |

·        अगस्त माह में बच्चो द्वारा लाईब्रेरी के माध्यम से 984 किताबे पढी गयी |

·        सितम्बर माह में 522 बच्चो के साथ फैसिलिटेटर द्वारा बच्चो को अपने घर पर एकत्रित करके विषयगत और लाईब्रेरी सम्बंधित गतिविधियाँ चलाई जा रही है |

·        सितम्बर माह में 585 डेमो प्लान के अनुसार भाषा, गणित और ईवीएस पर बच्चो को विभिन्न ग्रेड अनुसार फैसिलिटेटर द्वारा बच्चो के साथ किया गया |

·        फैसिलिटेटर द्वारा भाषा में बच्चो से शब्दों का मेल, अक्षर से शब्द बनवाना, शब्दों की अन्ताक्षरी, चित्र से कहानी बनवाना, अधूरी कहानी को पूरा करना, चयनित शब्दों से कहानी बनाना, पैराग्राफ पढवाना इत्यादि गतिविधियाँ की जा रही है |

·        फैसिलिटेटर द्वारा व्याकरण में संज्ञा, सर्वनाम, विलोम, पर्यायवाची, शब्दों की तुकबंदी सम्बंधित गतिविधियाँ करायी जा रही है | 

·        फैसिलिटेटर द्वारा गणित में छोटी संख्याओ व बड़ी संख्याओ का जोड़-घटाना, गुणा-भाग, साधारण भिन्न, दशमलव, आकृति की पहचान, इबारती प्रश्न विभिन्न गतिविधियों के द्वारा बच्चो को पढाया जा रहा है |

·        फैसिलिटेटर द्वारा ईवीएस में आस-पास के पर्यावरण से सम्बंधित विभिन्न जानकारिया, साफ़-सफाई, स्वास्थ्य सम्बंधित, कोविड-19 से सम्बंधित जानकारी, सुरक्षा व बचाव, रहन-सहन को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चो को पढाया जा रहा है 

·        सितम्बर माह में 306 लाईब्रेरी सत्र फैसिलिटेटर द्वारा बच्चो के साथ चलाया गया जिसमे स्टोरी टेलिंग, बुक टॉक, रीड अलाउड, इत्यादि के साथ गतिविधियाँ चलाई गयी

·        सितम्बर माह में स्वतंत्र पाठन के रूप में बच्चो ने इस माह कुल 2732 किताबे पढी | जिसका लेन-देन रजिस्टर पर विवरण अंकित है |

·        प्रति सप्ताह फोन कांफ्रेंस द्वारा फैसिलिटेटर द्वारा किये जा रहे गतिविधियों पर मीटिंग किया जाता है उनके अनुभव, चुनौतिया शेयर किया जाता है जिसपर उन्हें सुझाव दिया जाता है |

·        सप्ताह में 2 बार गूगल फॉर्म, क्विज.काम, kahoot के माध्यम से विषयगत सामान्य अध्ययन सम्बंधित प्रश्नावली तैयार कर लिंक के माध्यम से whatsapp पर साझा किया जाता है और उनकी प्रतिक्रया ली जाती है और   उसकी रिपोर्ट तैयार की जाती है |

·         लाईब्रेरी खिड़की को बच्चो के साथ साझा किया जा रहा है और उन्हें व 

·         उनके अभिभावकों के साथ ही साथ अध्यापको  को भी पढने के लिए प्रेरित किया जा रहा है |

·        बच्चो द्वारा लॉक डाउन के दौरान अपने अनुभवों को लिखकर साझा किया गया है |

·        लॉक डाउन के दौरान सभी फैसिलिटेटर के साथ पराग टाटा ट्रस्ट द्वारा कॉर्न काल के माध्यम से पुस्तकालय सम्बंधित गतिविधियों पर प्लानिंग, चर्चा परिचर्चा और परिपेक्ष्य निर्माण किया गया |

·        पराग टाटा ट्रस्ट द्वारा ज़ूम पर चयनित वक्ता के माध्यम से कहानी, कविता, बच्चो को कहानी और कविता की तरफ कैसे प्रेरित करे इत्यादि पर चर्चा परिचर्चा में फैसिलिटेटर द्वारा भागीदारी की गयी |

·        TISS द्वारा ITE को लेकर फैसिलिटेटर के साथ वेबनार के माध्यम से प्लानिंग मीटिंग की गयी और इसके उपरांत फैसिलिटेटर और बच्चो के साथ ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता कराई गयी |

·        जिसमे बच्चे अपने टास्क को पूरा करके अपने प्रोजेक्ट का प्रस्तुति किये | इसके साथ ही एक्सपर्ट से बच्चो ने सवाल भी पूछे | साथ ही ऑनलाइन प्रश्नों का जवाब भी दिया |   

·        लॉक डाउन के पहले विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियाँ मदरसों में सुचारू रूप से संचालित हो रही थी लेकिन अचानक फैले इस कोरोना महामारी कोविड-19 के चलते लागू किये गए लॉक डाउन के कारण सभी प्रकार के शिक्षण संस्थान बंद हो गए |

·        जिसकी वजह से बच्चो से जुड़ने के लिए ऑनलाईन ही एक विकल्प के रूप में सामने आया | जिसको देखते हुए टीम की मदद से बच्चो मोबाईल नंबर एकत्रित करवाकर बच्चो का whatsapp पर 5 ग्रुप बनाया गया और उसके माध्यम से शैक्षणिक गतिविधियाँ शुरू की गयी | जिसमे बच्चो को विषयगत विडियो, क्विज, विभिन्न प्रकार की लाईब्रेरी की किताबो को साझा कर उनके प्रतिक्रया को लिया गया |

·        इसके साथ ही गूगल फॉर्म और क्विज के माध्यम से भी बच्चो तक शैक्षणिक गतिविधियाँ पहुचाया जा रहा है | जिसमे विषयगत प्रश्नावली के साथ साथ सामान्य अध्ययन के प्रश्न भी तैयार करके गूगल फॉर्म और क्विज के माध्यम से साझा कर उनकी प्रतिक्रिया ली गयी |

·        अभी जून माह में लॉक डाउन में छूट होने के बाद बच्चो के साथ कोरोना महामारी के लिए दिए गए सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए उनको लाईब्रेरी से जोड़ने के लिए एक पहल की गयी |

·        जब बच्चो को यह सूचना दी गयी कि अब पुनः लाईब्रेरी से किताबे आप लेकर पढ़ सकते है तो बच्चो के ख़ुशी का ठिकाना न रहा क्योकि बच्चे पूरे लॉक डाउन के दौरान घर में बैठे बैठे उब गए थे और इस दौरान उनके बीच कोइ ऐसी गतिविधि नहीं हो रही थी और घरो से निकालने की भी मनाही थी |

·        जिसकी वजह से जब यह सुचना उन तक पहुची तो वो बहुत खुश हुए कि अब उन्हें पुनः कुछ नई चीजे पढने को मिलेगी | जिसके कारण सेंटर पर 40-50 बच्चे एक साथ आ गए जिसको टीम द्वारा व्यवस्थित करते हुए सभी बच्चो को यह कहा गया कि सबको एक टाइम पर नहीं आना है |

·        10-12 बच्चे एक बार आयेगे और उनके जाने के बाद अगले बच्चे आयेगे और इसके साथ ही सबका टाइम बना दिया गया |

·        इसके बाद टीम की मदद से सभी बच्चो का हाथ साबुन से धुलवाया गया और सेनेटाईजर का भी प्रयोग किया गया | इसके बाद सोसल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बच्चे लाईब्रेरी से अपने पसंद की किताब लिए और उन्हें कुछ देर वही बैठकर पढ़ा और कुछ किताबे घर ले गए

·        इसके अलावा पुस्तक लेन-देन रजिस्टर पर उनके द्वारा ली गयी पुस्तकों को उस रजिस्टर पर अंकित किया और अब बच्चो का रूटीन बन गया है |

·        बच्चे अपने टाईम शेड्यूल के हिसाब से आते है और किताबे जमा करके नई किताबे ले जाते है | इस दौरान बच्चे मास्क का भी इस्तेमाल करते है |

 

 

 

 

5.    Key Issues/ Challenges

 

1.  covid-19 के कारण मदरसों का लगातार बंद रहना |

2.  ज्यादातर बच्चो के पास स्मार्ट फोन और डाटा की उपलब्धता की कमी होना

3.  मदरसा मैनेजमेंट के कुछ सदस्यों की सोच परम्परागत शैक्षणिक प्रक्रिया के प्रति रुझान |

4.  नए 7 मदरसा के साथ कुछ पुराने मदरसों में नियुक्त अध्यापको द्वारा गतिविधि आधारित शैक्षणिक प्रक्रिया को स्वीकार करने में हिचक |

5.  समुदाय, अध्यापको व मैनेजमेंट में कुछ हद तक दुनियाबी तालीम की अपेक्षा दिनी तालीम को ज्यादा महत्त्व देना |

6.  समुदाय की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण बच्चो का अपने माता पिता का रोजगार जैसे परम्परागत पेशा बुनकरी के काम में मदद करना |

7.  मदरसों में शैक्षणिक संसाधनों का अभाव |

8.  संसाधनों के अभाव में मदरसों में अप्रशिक्षित अध्यापको को रखने की मजबूरी |  

9.  आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण मदरसों के बच्चो के पास पाठ्यपुस्तको और कापियो का अभाव होना |

 

6.    Best Practices:

 

1.     कोविड 19 की वजह से मदरसों के बंद होने के कारण फसिलिटेटरो द्वारा अपने घरो पर ही बच्चो के साथ सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए विषयगत और लाईब्रेरी की गतिविधियाँ संचालित कर रहे है |

2.     समय समय पर प्रशिक्षण/डेमो की उपलब्धता |

3.    बच्चो को जोड़ने के लिए ऑनलाइन के माध्यम से बच्चो को जोड़ा गया जिसमे whatsapp व अन्य माध्यमो का इस्तेमाल किया गया |

4.     टीम के साथ मासिक बैठक व उनका मूल्यांकन |

5.     चयनित मदरसों में लेसन प्लान बनाकर बच्चो को पढ़ाने की शुरुआत |

6.     ITE कार्यक्रम सुचारू रूप से संचालित हो रहा है |

7.     दुनियाबी तालीम को दीनी तालीम से जोड़कर पढ़ाने की प्लानिंग की गयी है खासकर ITE के परिप्रेक्ष्य में |

8.     मदरसा मैनेजमेंट के साथ लगातार चर्चा व बैठक कर उनका विश्वास कायम करना |

9.     मदरसों में आने वाली चुनौतियों पर मदरसा मैनेजमेंट के साथ मिलकर हल करने का प्रयास |

10.                        मदरसा द्वारा आयोजित किसी भी कार्यक्रम में अपनी सहभागिता स्थापित करना |

11.                        बच्चो द्वारा स्वयं की साफ़ सफाई के साथ साथ अपने मदरसों को भी स्वच्छ रखने के लिए प्रयास कर रहे है |

12.                        Facilitator द्वारा मदरसों में विभिन्न विषयो पर स्वयं द्वारा क्लास रूम में गतिविधियां करके अध्यापको को हिचक कम करने का प्रयास किया जा रहा है |

13.                        मदरसों में लाईब्रेरी के लिए उपलब्ध कराई गयी किताबो से बच्चो के अन्दर किताबो को पढने की आदत व संस्कृति का विकास होता हुआ दिखलाई पड रहा है |

14.                        मदरसा टीचरों के बालकेंद्रित, रुचिकरपूर्ण शैक्षणिक गतिविधियाँ कक्षा में कैसे संचालित की जाय और संस्था द्वारा किये जा रहे शैक्षणिक कार्यक्रमों के सन्दर्भ में अलग-अलग मदरसा शिक्षको की सामूहिक बैठक करने से टीचरों का रुझान भी बढ़ा है और टीचर इन विषयो पर ट्रेनिंग लेने हेतु तैयार है |

 

 

 

 

7.    Photographs

 



 



 

          


 

 


 

 

 

 

8.    

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