20 दिवसीय समर कैम्प रिपोर्ट :
समर कैम्प का उद्देश्य :
1. विभिन्न मदरसों के छात्र
छात्रो को आपस में एक दुससरे के साथ अपना अनुभव साझा करने का अवसर उपलब्ध कराना |
2. बच्चो को विभिन्न गतिविधियों
के माध्यम से उनके अन्दर आत्म विश्वास और व्यक्तित्व विकास की क्षमता बृद्धि |
3. कुछ नई सीख के साथ छुट्टियों
को यादगार बनाना |
4. विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर
ज्ञानार्जन के साथ ही रचनात्मक क्षमता का विकास |
5. बच्चों में साहित्य के प्रति
रूचि विकसित करना जिससे उनमें पढने की ललक पैदा हो |
6. मानसिक विकास के साथ ही साथ बच्चो में सृजनात्मक विकास के साथ ही साथ
क्रियाशीलता की बृद्धि |
7. विभिन्न प्रकार के खेल व्
गतिविधियों के माध्यम से शारीरिक विकास व् मजेदार अनुभव
करवाना |
8. डिजिटल लिट्रेसी को बढ़ावा
देना |
9. बच्चों के साथ कुछ सामाजिक
मुददों पर चर्चा-परिचर्चा करते हुए उनमें अलोचनात्मक जरिया विकसित करने का प्रयास करना |
10. पाठ्यचर्या क्षेत्रों, भाषा, गणित एवं
पर्यावरण विज्ञान आदि की कुछ बुनियादी अवधारणाओं पर बच्चों की समझ विकसित करना |
समय सुबह 8 बजे से 12 बजे
1.
6-15 वर्ष आयु के
बच्चे समर कैम्प में भागीदारी किये |
2.
50 बच्चों के समूह
में 4 मदरसों पर समर कैम्प का संचालन किया
गया |
समर कैम्प में करवायी गयी मुख्य गतिविधियाँ
|
सत्र |
गतिविधियाँ |
सहायक सामाग्री |
फैसिलिटेटर की भूमिका |
बच्चों की भूमिका |
|
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सभा-प्रेरक गीत ,हाव
–भाव से कविता व् नाद इत्यादि | |
·
गीत
व् कविता |
गीत व् कविता की पुस्तकों का संग्रह |
बच्चों को गोल घेरे में हाव-भाव से कविता
सुनायेंगे | |
·
बच्चें
हाव-भाव का अनुकरण करके उसे दोहरायेंगे | ·
बच्चों
से भी सुनना | |
|
|
·
नाद
|
नाद का संग्रह |
·
फैसिलिटेटर
द्वारा बच्चों को नाद के लिए उत्साहित व् आमंत्रित करना |
·
बच्चों
द्वारा नाद की प्रस्तुति. |
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|
·
विभिन्न
आवाजों को पहचानना |
|
फैसिलिटेटर बच्चों को आस-पास
की आवाज को ध्यान से सुनने के लिए बोलेगें या स्वंय भी कई तरह की आवाज
निकलायेंगे (प्रतिदिन अलग अलग आवाज) |
सभी बच्चें एक एक करके उन आवाजों को पहचान कर उसे
बतायेंगे और स्वंय भी उन आवाजों को निकालेंगे | |
||
|
पुस्तकालय पर गतिविधि, स्टोरी
टेलिंग,रोल प्ले/नुक्कड़ नाटक | |
·
कहानी
पढ़कर सुनाना ·
कहानी
आगे बढ़ाना |
·
पुस्तकालय
के लिए आयी किताबों व् पाठ्य पुस्तकों से चयनित कहानियाँ ·
कहानी
का संकलन |
·
फैसिलिटेटर
पुस्तकों की कहानी को पहले स्वंय तैयार कर गोल घेरे में कहानी के चित्रों को
दिखाते हुए रोचकता व् हाव-भाव के साथ बच्चों को सुनाएगा पुनःबच्चों को भी
सुनाने व् पढ़ने के लिए प्रेरित करेगा ·
फैसिलिटेटर
कोई कहानी थोड़ा सुनाकर सभी बच्चों को प्रेरित करायेगा कि वो उसमें स्वंय से कुछ
जोडकर कहानी पूरी करें |
·
बच्चें फैसिलिटेटर
द्वारा दिखायी जा रही पुस्तक या कहानी को देखेंगे और उसको सुनेंगे साथ ही स्वंय
भी हाव-भाव से करने का प्रयास करेंगे ·
बच्चें
स्वंय से कहानी जोडकर पूरी करेंगे ·
कहानी
पर बच्चें बीच-बीच में प्रश्नों का जवाब भी देंगे |
|
|
·
बुकटॉक
(फैसिलिटेटर द्वारा कहानी व् कविता पर) |
·
पुस्तकालय
के लिए आयी किताबों व् पाठ्य पुस्तकों से चयनित कहानियाँ ·
पुस्तकों
का संकलन |
·
फैसिलिटेटर
किसी एक कहानी/कविता पर अपनी पूर्व तैयारी करेगा। उसके बाद बच्चों को किताबें
दिखाकर उसे पढ़कर सुनायेगा। ·
छोटे-छोटे
प्रश्न पूछेगा। |
·
बच्चे
कहानी/कविता को सुनेंगे। किताब को हाथ में लेकर देखेंगे। ·
प्रश्नों
के उत्तर देंगे। |
||
|
·
छोटे-छोटे
समूह में पढ़ना |
·
पुस्तकों
का संकलन ·
पुस्तकालय
के लिए आयी किताबों व् पाठ्य पुस्तकों में से चयन | |
·
फैसिलिटेटर 5-5
बच्चों का समूह बनायेगा। इसमें पढ़ने वाले व न पढ़ पाने वाले मिश्रित होंगे।
उन्हें किताब लेने व् पढने में मदद करेगा। |
·
5-5 बच्चों
के समूह में एक बच्चा पढ़ेगा, शेष बच्चे सुनेंगे, फिर अगला बच्चा पढ़ेगा इस तरह
बारी-बारी से सभी बच्चों को पढ़ना होगा। |
||
|
·
बच्चों
द्वारा स्वंय से कहानी बनाकर लिखना | |
·
ए-4 कागज,स्केच,पेन्सिल,रबर,कटर,इत्यादि
| |
·
फैसिलिटेटर
कहानी बनाने में लिखने व् चित्रों का प्रयोग करना बतायेगा और उन्हें पहले कुछ
कहानी जोडकर करवाना सिखाएगा | |
·
फैसिलिटेटर
द्वारा बतायी गयी प्रक्रिया पर बच्चे ध्यान देंगे | ·
बच्चें
छोटे-छोटे समूह में या व्यक्तिगत तौर पर भी कहानी बनाने का काम
करेंगे | |
||
|
लैंडिग कार्ड बनवाना |
·
स्केच,चार्ट
पेपर,स्केल,कैंची | |
·
सर्वप्रथम
एक लैंडिग फैसिलिटेटर कार्ड बनाकर बच्चों को
बतायेगा |जिसमें बच्चों का नाम,कक्षा
इत्यादि के साथ उसके द्वारा पढ़ी गयी किताबों का विवरण होगा | |
·
फैसिलिटेटर
के बताने के उपरान्त प्रत्येक बच्चें अपना-अपना
लैंडिग कार्ड बनायेंगे |उसमें अपनी पढ़ी/सुनी
किताबों का विवरण भरेंगे | |
||
|
·
पढ़ी
हुई कहानी पर रोल प्ले/नुक्कड़ नाटक |
·
|
·
फैसिलिटेटर
कहानी के पात्रों के अनुसार बच्चों के साथ मिलकर पात्रों का चयन करना | ·
कहानी
के डायलाग व् एक्ट का रिहर्सल करने में मदद करेगा | ·
स्वंय
भी एक्ट कर बच्चों को दिखायेगा | |
·
बच्चें
कहानी को पढकर अच्छे से समझकर अपनी-अपनी भूमिका तय
करेंगे | ·
अपने-अपने
डायलाग्स व् एक्ट को तैयार करेंगे | ·
नाटक
की प्रस्तुति करेंगे | |
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|
|
|
|
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|
भाषा |
·
वर्णमाला,वर्णमाला
सीखने की गतिविधियाँ,पूर्व लेखन,शब्द
रचना,दो,तीन,चार,वर्ण
वाले शब्द,मात्रा,मात्रा वाले शब्द,भाषा
का विकास,व्याकरण इत्यादि |
·
वर्णमाला
चार्ट,TLM कार्ड, श्यामपट,चाक, डस्टर,किताबें, कुछ
चित्र,ए-4 पेपर, पेन्सिल,रबर,कटर,इत्यादि
|
·
छोटे
बच्चों के साथ चार्ट का प्रयोग कर पहचान करवाना,वर्ण
सम्बन्धी चित्र दिखाना,गोल घेरे में वर्ण
रखकर खोजवाना इत्यादि ·
आड़े
तिरछे लाइनों के माध्यम से बच्चों से
स्वतंत्र रूप से लेखन सिखाना ·
वर्ण
TLM कार्ड से अक्षरों
से शब्द बनवाना ·
बच्चों
को बोलने व् पढने का मौका देना ·
कुछ
शब्दों के माध्यम से कहानी बनवाना ·
किसी
भी पाठ को प्रश्नोत्तर विधि से पढ़ाना ·
चित्रों
को दिखाकर बच्चों से उनके विचार निकलवाना ·
किसी
विषय वस्तु पर वार्तालाप करवाना ·
अधूरी
कविता ,कहानी को पूरा करवाना ·
संज्ञा,सर्वनाम,विशेषण,क्रिया
से परचित करवाना ·
किसी
पाठ या कहानी को सुनाकर बच्चों से संज्ञा,सर्वनाम,विशेषण,क्रिया
की सूची बनवाना |
·
बच्चें
फेसिलिटेटर द्वारा बतायी जा रही गतिविधियों को ध्यान से सुनकर उसे
दोहराएंगे व् स्वंय से भी करने का
प्रयास करेंगे ·
कहानी
कविता को स्वंय से आगे बढ़ाएंगे ·
हो
रही समस्त गतिविधियों में हिस्सा लेंगे ·
दिए
गये विषय वस्तु पर वार्तालाप
करेंगे ·
संज्ञा,सर्वनाम,विशेषण,क्रिया
की सूची बनायंगे ·
चित्रों
के माध्यम से लिखने का प्रयास |
|
|
गणित |
·
कम
ज्यादा की अवधारणा,1-9 तक की संख्या,0 की
अवधारणा,1-19 तक की संख्या,ईकाई,दहाई,सैकडा,संख्या
का जोड़,घटाना,गुणा,भाग,भिन्न,स्थानीय
मान इत्यादि |
·
अनाज
के दाने,कंकड़,तीली,तीली
बंडल, संख्या TLM कार्ड,सांकेतिक
गुटके,बाल,ए-4 पेपर,स्केल,पेन्सिल,स्केच,रबर,कटर,चाक,डस्टर,व्
श्यामपटइत्यादि |
·
छोटे
बच्चों के साथ अनाज के दाने व् कंकड़ से कम व् ज्यादा की अवधारणा बताना,छोटी
बड़ी आकृतियों को दिखाना ·
कंकड़
को गिनवाना अनाज के दानो से डिजाईन बनवाना,कागज
के टुकड़ों को गिनवाना,बाल उछालकर उसके
उछालों को गिनवाना,कविता-एक
बड़े राजा की बेटी------,कार्ड पर बने
चित्र गिनवाना | ·
पेड़
पर बैठे कुछ पंछी का एक साथ उड़ जाना पर बच्चों से अब कितनी पंछी बची या कोई
वस्तु दिखाकर फिर उसे हटा लेना फिर पूछना क्या बचा ·
तीली
बंडल की सहायता से इ० द० सै०बताना ·
आ
जाना,मिल जाना,जुड़ जाना,भर
जाना इत्यादि के माध्यम से जोड़ बताना ·
अनाज
के दाने,कंकड़,संख्या कार्ड,तीली
की सहायता से जोड़ घटाना बताना ·
चले
जाना,गिर जाना,भाग
जाना,उड़ जाना,अलग
हो जाना इत्यादि के माध्यम से
घटाना बताना ·
किसी
संख्या में उसी संख्या को एक या अधिक
बार जोड़ना ·
तीली
कंकड़ के द्वारा बार-बार जोडकर गुणा को
स्पष्ट करना ·
सांकेतिक
गुटके से चिन्हों को बताना ·
किसी
संख्या से किसी संख्या को एक से अधिक
बार समान अंक में घटा कर भाग को स्पष्ट करना
·
तीली
कंकड़ के द्वारा बार-बार घटाकर भाग को
स्पष्ट करना ·
चित्र
व् पेपर के माध्यम से मोडकर भिन्न को बताना |
·
बच्चें
फेसिलिटेटर द्वारा बतायी जा रही गतिविधियों को ध्यान से सुनकर उसे
दोहराएंगे व् स्वंय से भी करने का
प्रयास करेंगे ·
बच्चें
ककड़ को स्वंय से जोड़ेगें व् घटाएंगे ·
हो
रही समस्त गतिविधियों में हिस्सा लेंगे ·
दिए
गये सवालों पर अभ्यास करेंगे ·
चित्रों
के माध्यम से गिनती का प्रयास करेंगे ·
तीली
बंडल की सहायता से इ० द० सै० का स्वंय अभ्यास
·
चित्र
व् पेपर के माध्यम से मोडकर स्वंय भिन्न का अभ्यास करेगें |
|
|
खेल |
खेल गतिविधि कराना जमीन-पानी बोल भाई
कितने नेता-नेता
चाल बदल चिड़िया उड़ तोता कहे सो
कर बकरी भाग शेर
आया फल, फूल
और सब्जी आंधी-पानी
आवत है दिशा
परिवर्तन कर गिनती बोलना 3 व 3
से कटने वाली संख्या पर हाथ से दिशा परिवर्तन करना। नमस्ते जी, लाला
जी ने लडडू खाए,
चूहा दौड बिल्ली आई, नदी पहाड़ शहर पेन पास ,7up,गिनती या पहाडा के साथ चुप वाला खेल , आदि। |
·
खेलों
का संकलन |
·
फेसिलिटेटर
बच्चों को खेल करायेंगे और खेल से सम्बन्धित निर्देश देगें |
·
बच्चें
खेल के निर्देष को सुनकर खेलेंगे । कुछ समय बाद बच्चों द्वारा स्वंय भी खेल कराया जायेगा |
|
|
रचनात्मक कार्य व् स्वतंत्र संवाद आर्ट-क्राफ्ट, राईटिंग स्किल, वाल न्यूज पेपर,ITE, डिजिटल लिटरेसी,व् विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर चर्चा इत्यादि | |
·
पहले
उन्हें अच्छे कहानी की किताबों से अच्छे चित्र दिखाना और उन पर बात करना उसके
बाद मन पसंद चित्र बनाना व रंग भरना ·
मिट्टी/कागज
की लुगदी से खिलौने बनाना व् अन्य आकृति बनाना। ·
कागज/पत्ती
को मोड़कर खिलौना,
बाजा बनाना आदि। ·
पत्तों, बीज
को कई तरह से सजाना। ·
नई कविता/गीत/कहानी बनाना ·
बच्चों से अनुभव/घटनायें सुनना। ·
बच्चों से निम्नवत् विषय पर -जेन्डर ,जाति, धर्म,बाल
मजदूरी,बाल विवाह,बालाधिकार व स्वच्छता इत्यादि पर चर्चा करना ·
विभिन्न
सामाजिक मुददों,आस पास के माहौल व् मदरसों पर चर्चा कर कुछ लिखने के लिए प्रेरित
कर वाल न्यूज पेपर तैयार करवाना ·
ITE
पर प्रोजेक्ट बनवाना ·
तकनीकी
से बच्चो का जुडाव ·
स्काईफ
की मदद से दुसरे मदरसों के बच्चों को जोड़ना |
·
ए-फोर
कागज,
कलर, मिट्टी, बीज, पत्ते, पेन्सिल, रबर, कटर,चार्ट
पेपर, जेन्डर ,जाति, धर्म,बाल
मजदूरी,बाल विवाह,बालाधिकार पर रिसोर्स बुक,इंटरनेट इत्यादि |
·
बच्चो
को बड़े गोले में व जरूरत के अनुसार 4-6 बच्चों के समूह में बिठाकर सम्बन्धित कार्य करने को
बताना। ·
बच्चों
के काम को दीवार पर लगाना/कोने में व्यवस्थित कराना ·
बच्चों
द्वारा तैयार किये गये वाल न्यूज पेपर की प्रस्तुतिकरण ·
ITE प्रोजेक्ट
की प्रस्तुतिकरण |
·
बच्चे
स्वतंत्र रूप से चित्र,आकृति व् खिलौने
बनायेंगे फेसिलिटेटर की बातों का ध्यान
देंगे। ·
बच्चे एक-दूसरे की कहानी, कविता
को पढ़ेंगे। ·
स्काईफ
की मदद से दुसरे मदरसों के बच्चों से बात
करेंगे व् अपने प्रोजेक्ट को भी दिखायेंगे ·
बच्चें अपने अनुभव/घटनायें सुनायेंगे । |
|
|
क्रम |
गतिविधि |
उद्देश्य |
आउट कम |
|
1.
|
परिचय व समर कैम्प का वातावरण बनाना |
1.
आपस में घुलमिल कर एक स्वास्थ्य वातावरण बनाना
ताकि बच्चे सहज हो सके |
प्रतिभागियों का आपस में मित्रवत और सहज होंगे |
|
2. |
आर्ट व क्राफ्ट |
1.
रचनात्मक क्षमता की बृद्धि 2.
सृजनशीलता की बृद्धि 3.
अभिव्यक्ति की क्षमता का विकास |
रचनात्मक और सृजनशीलता का विकास होगा |
|
3. |
स्टोरी टेलिंग |
1.
सुनने की क्षमता की बृद्धि 2.
कल्पनाशीलता और सृजनशीलता की बृद्धि 3.
कहानियो के माध्यम से प्रेरित करना 4.
एकाग्रता को बढ़ाना 5.
कहानिया बनाने की क्षमता का विकास |
1. कहानिया सुनने और
बनाने की क्षमता में बृद्धि होगी 2. एकाग्रता
बढ़ेगी 3. अभिव्यक्ति की
क्षमटा का विकास होगा |
|
4. |
कहानियो के आधार पर रोल प्ले |
1.
अनवेषण और निष्पादन 2.
आतंरिक क्षमता की बृद्धि 3.
सीखकर योजना बनाना 4.
बोलने और अभिव्यक्ति का विकास 5.
रोल प्ले के माध्यम से उस विषय को समझना आसान
होना |
1.
अभिव्यक्ति की क्षमटा का विकास होगा 2.
एकाग्रता बढ़ेगी 3.
कहानी के पात्रो की भूमिका का निर्वहन करने की
दक्षता का विकास होगा | 4.
योजना बनाने की क्षमता बृद्धि 5.
समूह में मिलकर एक साथ काम करने की क्षमता का
विकास |
|
5. |
विभिन्न प्रकार के खेल |
1.
शारीरिक व मानसिक क्षमता की बृद्धि 2.
सक्रिय भागीदारी के साथ क्रियाशीलता 3.
साथियों के साथ सामंजस्य स्थापित करना 4.
नये साथियों के साथ सहज रहने की कला का विकास 5.
ग्रुप में काम करने की सीख व सहजता |
1. शारीरिक व मानसिक
क्षमता का विकास 2. झिझक दूर होगी 3. समूह में एक दुसरे
से सामंजस्य स्थापित करना |
|
6. |
राईटिंग स्किल |
1.
लेखन
की क्षमता की बृद्धि 2.
कल्पनाशीलता की बृद्धि 3.
विभिन्न मुद्दों पर स्वंय से सोच कर लिखने
को प्रेरित करना 4.
लिखने की
एकाग्रता को बढ़ाना 5.
व्यक्त करने की क्षमता का विकास |
1. मात्राओ की समझ
बढ़ेगी 2. स्वयं से सोचकर
लिखने की क्षमता की बृद्धि होगी 3. एकाग्रता की
क्षमता का विकास होगा |
|
7. |
लाईब्रेरी सम्बंधित गतिविधि |
1.
1.किताबों के प्रति रुझान 2.
विभिन्न विषयों पर ज्ञानार्जन के साथ ही रचनात्मक क्षमता का
विकास | 3. बच्चो में उत्साह व कल्पनाशक्ति को बढ़ाना | 4.
बच्चो को पुस्कालय की विभिन्न किताबों के माध्यम से उनके अन्दर आत्म विश्वास और
व्यक्तित्व विकास की क्षमता का संवर्धन के 5.
तार्किक सोच में बृद्धि |
1. किताबो को पढ़ने का
रुझान बढेगा व आदत बनेगी 2. तार्किक सोच की
बृद्धि 3. विभिन्न किताबो के
माध्यम से ज्ञानार्जन करने का अवसर प्राप्त होगा |
|
8. |
वाल न्यूज़ पेपर |
1. स्थानीय मुद्दों
की पहचान 2. लेखन की क्षमता की बृद्धि 3. स्थानीय समस्याओं को
लोगो के सामने संजीदगी से प्रस्तुत करने की
कला का विकास 4. विभिन्न
जानकारियों को एकत्रित करने का अभ्यास 5. वाल न्यूज पेपर
तैयार कर लोगो के बीच में उसे प्रस्तुत कर उस पर संवाद स्थापित करना |
1. लेखन की क्षमता की
बृद्धि 2. जानकारिय एकत्रित
करने व उसको सुन्योजित तरीके से लिखने की क्षमता का विकास होगा 3. स्थानीय मुद्दों
की पहचान होगी 4. संवाद करने की
क्षमता में बृद्धि |
|
9. |
नुक्कड़ नाटक |
1. विभिन्न सामाजिक
मुद्दों की पहचान कर उसकी स्टोरी व् डायलाग
तैयार करना 2. पात्रों का चयन
करना 3. लोगो के सामने
प्रस्तुत करना 4. स्थानीय समस्याओं
के प्रति जागरूक व् संजीदा होना 5. पटकथा का अनवेषण
और निष्पादन करने की क्षमता का विकास 6. आतंरिक क्षमता की
बृद्धि 7. सीखकर योजना बनाना
8. बोलने और
अभिव्यक्ति की क्षमता का विकास |
1. अभिव्यक्ति की
क्षमता का विकास होगा 2. एकाग्रता बढ़ेगी 3. नाटक के पात्रो की
भूमिका का निर्वहन करने की दक्षता का विकास होगा | 4. योजना बनाने की
क्षमता बृद्धि 5. समूह में मिलकर एक
साथ काम करने की क्षमता का विकास 6. स्थानीय समस्याओ
की पहचान करने की क्षमता का विकास होगा 7. आतंरिक छुपी हुई
कला को निखारना |
|
10. |
भाषा सम्बंधित गतिविधि |
1. विभिन्न
गतिविधियों के माध्यम से भाषा में बच्चों की रूचि को बढ़ाना 2. खेल खेल सरल तरीको
से और TLM से भाषा को समझाना 3. संवाद स्थापित
करने की सहजता 4. लिखने और पढ़ने की
क्षमता का विकास होगा 5. व्यक्त करने की
क्षमता का विकास |
1. मात्राओ की समझ
बढ़ेगी 2. स्वयं से सोचकर
लिखने और बोलने की क्षमता की बृद्धि होगी 3. एकाग्रता की
क्षमता का विकास होगा 4. संवाद स्थापित
करने में सहजता |
|
11. |
गणित सम्बंधित गतिविधि |
5. विभिन्न
गतिविधियों के माध्यम से मैथ में बच्चों की रूचि को बढ़ाना 6. मैथ की बेसिक
नियमों से बच्चों को परचित कराना 7. मैथ कि कुछ बेसिक समस्याओं को ट्रिक के माध्यम से हल करना 8. खेल –खेल सरल तरीको से और TLM से मैथ को बताना |
1. बच्चो के अन्दर
मैथ के प्रति व्याप्त भय दूर होगा 2. समस्याओ को सरल
तरीके से हल करेंगे 3. व्यावहारिक जीवन
में मैथ का प्रयोग आसानी से करेगे |
|
12. |
ईवीएस सम्बंधित गतिविधि |
1.
विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सामाजिक
ज्ञान को बढ़ाना 2.
जनरल नालेज की वृद्धि करना 3.
स्थानीय व् पर्यावरण के प्रति जागरूकता के
साथ संजीदा बनाना 4.
अपने आस-पडोस व्
इतिहास को जनाना |
1. सामान्य ज्ञान की
बृद्धि होगी 2. अपने आस-पडोस, पर्यावरण व् इतिहास की जानकारी बढ़ेगी |
|
13. |
डिजिटल लिट्रेसी |
1. तकनीकी का
इस्तेमाल कर काम में सरलता 2. सही जानकारियों तक
पहुँच 3. सरकारी योजनाओ के
बारे में सही जानकारी प्राप्त करना और सरलतम तरीके से उन तक पहुच |
1. तकनीक से परिचित
होगे और उसका अपने जीवन में सुगमता से इस्तेमाल करेंगे |
|
14. |
ITE |
1. तकनीकी की मदद से
विषयगत दक्षता को बढ़ाना 2. विषयगत जानकरियो
के साथ उससे जुडी अन्य जानकारियाँ प्राप्त करने में सहायक 3. किसी टॉपिक पर
प्रोजेक्ट बनाने की छमता बृद्धि एवेम उसे प्रस्तुत करने की कला का विकास |
1. विषयगत जानकारी
तकनीक के माध्यम से बढ़ेगी 2. प्रोजेक्ट
प्रस्तुति करने से झिझक दूर होगी |
|
15. |
विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर चर्चा |
1. समाज में फ़ैली
कुरीतियों व मिथ्यो की पहचान 2. उक्त समस्याओ से
निजत पाने की प्रक्रिया और तरीको को खोज पाने में सक्षम होना 3. अपने मुद्दों व
अधिकारों के प्रति जागरूक होना |
1. अपने मुद्दों व
अधिकारों के प्रति जागरूक होना |
समर कैम्प की गतिविधियों की समयावधि -
|
अवधि |
सत्र |
रिमार्क |
|
30 मिनट |
सभा-प्रेरक गीत ,हाव-भाव
से कविता व् नाद इत्यादि | |
प्रतिदिन | |
|
60 मिनट |
पुस्तकालय पर गतिविधि, स्टोरी
टेलिंग,रोल प्ले/नुक्कड़ नाटक | |
प्रतिदिन | |
|
45 मिनट |
भाषा,गणित की बुनियादी
अवधारणाओं की गतिविधि पर कार्य | |
10 दिन
भाषा,10 दिन गणित पर कार्य होगा | |
|
45 मिनट |
खेल गतिविधियाँ | |
प्रतिदिन | |
|
60 मिनट |
रचनात्मक कार्य व् स्वतंत्र संवाद आर्ट-क्राफ्ट, राईटिंग स्किल, वाल न्यूज पेपर,ITE, डिजिटल लिटरेसी,व् विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर चर्चा इत्यादि | |
5 दिन- आर्ट-क्राफ्ट
| 5 दिन- राईटिंग स्किल, विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर चर्चा कर वाल न्यूज पेपर तैयार
करवाना | 10 दिन- ITE, डिजिटल लिटरेसी | |
रिपोर्ट :
4 जून, 2018 से 28 जून,
2018 तक चार मदरसों में 20 दिवसीय समर कैम्प आयोजित किया गया था | जिसमे बजरडीहा
में 3 मदरसों में व लोहता में 1 मदरसे में समर कैम्प लगाया गया | जिसमे उसी मदरसे
के अलावा अन्य मदरसों व स्कूलों के बच्चो ने भी भागीदारी की | समर कैम्प में 250 बच्चों का लक्ष्य रखा
गया था | इस समर कैम्प में लगभग 205
बच्चो ने भागीदारी की | इस समर कैम्प के माध्यम से बच्चो को विभिन्न गतिविधियों से
जोड़ा गया | जिसमे भाषा, गणित, खेल, आर्ट, क्राफ्ट, वाल न्यूज़ पेपर व लाईब्रेरी के
माध्यम से बच्चो को नई चीजे सिखने को मिली |
समर कैम्प शुरू होने के
पहले सभी के मन में यह आशंका थी की बच्चे आयेगे की नहीं परन्तु जब समर कैम्प शुरू
हुआ तो बच्चो के बीच जो रोचकतापूर्ण गतिविधियों का सञ्चालन किया गया जिससे बच्चे
बहुत आनंदित हुए और रोज़ बिना बुलाये ही बच्चे समर कैम्प में समय से पूर्व ही पहुच
जाते थे | कई बार बच्चो के अभिभावक उन्हें मदरसे से बुलाने आते परन्तु बच्चे
उन्हें मना कर देते |
चारो समर कैम्प केन्द्र के प्रत्येक केन्द्र पर कमरे के अन्दर पुस्तकालय पर गतिविधि चलाने हेतु कुल 157 किताबो का डिस्प्ले किया गया था | जिसमे विभिन्न विधाओं की किताबे जैसे कहानी, कविता, बाल गीत, काल्पनिक कथा, चित्र आधारित कहानिया आदि | पुस्तकालय हेतु विभिन्न गतिविधियाँ संचालित की गयी जिसमे बुक टॉक, रीड अलाउड, स्टोरी टेलिंग, रोल प्ले/नुक्कड़ नाटक, बच्चो द्वारा स्वतंत्र रूप से किताबो का चयन करके उन्हें पढ़ना | जिसके अंतर्गत औसतन बच्चो ने 9 से 10 किताबे पढी | परन्तु उसमे से कुछ बच्चे ऐसे भी थे जिन्होंने 15 से 20 किताबे भी पढ़े | बच्चो को प्रतिदिन एक घंटा लाईब्रेरी में किताबे पढ़ने का समय दिया गया था व प्लान की गयी उपरोक्त गतिविधियों का सञ्चालन किया गया था | पहली बार बच्चो ने पाठ्य पुस्तकों के आलावा अन्य कहानियो, कविताओ और चित्र वाली पुस्तके देखी और स्वतंत्र रूप से चयन करके पढी जिससे बच्चे बहुत रोमांचित हो रहे थे | बच्चे अतिरिक्त समय निकालकर किताबो को पढ़ते थे | बाद में बच्चे किताब घर भी ले जाने लगे | लाईब्रेरी में चलाई गयी विभिन्न गतिविधियों में बच्चो को बहुत मजा आया और वे भी बढचढ कर इसमें भागीदारी की | किताबो को उत्साह के साथ पढ़ना और पढ़कर लैंडिंग कार्ड में ज्यादा से ज्यादा किताबो को चढाने की आपस में प्रतिस्पर्धा थी | बच्चो को छोटे-छोटे समूह में भी पढ़ने का मौका दिया गया जिसमे जो बच्चे ठीक से नहीं पढ़ पा रहे थे उनको पढ़ने वाले बच्चे मदद कर रहे थे | इसके साथ ही बच्चो को तीन चार शब्द दिए गए जिसका प्रयोग कर बच्चो ने कहानी बनाकर उसका प्रस्तुतीकरण किया | इसके साथ ही बच्चो को एक वाक्य बोला जाता था जिसके आगे वाक्य बनाकर बच्चे कहानी आगे बढ़ाते थे |
इसके साथ रोचकतापूर्ण गतिविधियों के माध्यम से भाषा और गणित की बुनियादी अवधारणाओं पर बच्चो के बीच काम किया गया जिसमे भाषा के अंतर्गत वर्णमाला, वर्णमाला सीखने की गतिविधियाँ, पूर्व लेखन,शब्द रचना, दो,तीन, चार, वर्ण वाले शब्द, बिना मात्रा, मात्रा वाले शब्द, भाषा का विकास इत्यादि अवधारणा पर गतिविधियाँ चलायी गयी | साथ ही गणित विषय पर कम ज्यादा की अवधारणा, 1-9 तक की संख्या, 0 की अवधारणा, 1-19 तक की संख्या, ईकाई, दहाई, सैकडा, संख्या का जोड़, घटाना, गुणा, भाग, मिश्र संक्रियाए, भिन्न, स्थानीय मान इत्यादि पर बच्चो के साथ गतिविधियाँ चलायी गयी | इसके साथ ही TLM वर्णमाला कार्ड से शब्द बनवाना और गणित में बड़ी से बड़ी संख्याओ का गुणा, भाग, जोड़, घटाना, भिन्न को सरलतम तरीके से निकालने की विधि बताई गयी जिसमे बच्चो को नई तकनीक से समझने का अवसर मिला जिसमे बच्चो को मजा आ रहा था और बहुत उत्साह के साथ इस प्रकिया में अपनी भागीदारी कर रहे थे |
मदरसों में गतिविधियाँ और खासकर की खेल के अवसर ज्यादा नहीं मिल पाता लेकिन इन 20 दिनों के समर कैम्प में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चो को खेलने का काफी अवसर मिला | खेल के साथ ही उन्हें कई नई जानकारियां भी मिली | जमीन-पानी, बोल भाई कितने कितने, नेता-नेता चाल बदल, चिड़िया उड़, तोता कहता है, बकरी भाग शेर आया, फल, फूल और सब्जी, दिशा परिवर्तन कर गिनती बोलना, 3 व 3 से कटने वाली संख्या पर हाथ से दिशा परिवर्तन करना, नमस्ते जी, चूहा दौड बिल्ली आई, नदी पहाड़ शहर, पेन पास , 7up, गिनती या पहाडा के साथ चुप वाला खेल इत्यादि बच्चो के साथ करवाया गया |
इसके साथ ही रचनात्मक कार्य व् स्वतंत्र संवाद के तहत आर्ट-क्राफ्ट, राईटिंग स्किल, वाल न्यूज पेपर, ITE, डिजिटल लिटरेसी व विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर चर्चा इत्यादि के तहत उन्हें अच्छे कहानी की किताबों से अच्छे चित्र दिखाना और उन पर बात करना उसके बाद मन पसंद चित्र बनाना व रंग भरना, कागज से खिलौने बनाना व् अन्य आकृति बनाना, छोटे गिट्टक से आकृति बनाना, बच्चों से अनुभव/घटनायें सुनना, बच्चों से निम्नवत् विषय पर –जेन्डर, जाति, धर्म,बाल मजदूरी, बाल विवाह, बालाधिकार व स्वच्छता इत्यादि पर चर्चा किया गया था | विभिन्न सामाजिक मुददों,आस पास के माहौल व् मदरसों पर चर्चा कर कुछ लिखने के लिए प्रेरित कर वाल न्यूज पेपर तैयार करवाना, ITE के अंतर्गत बच्चो को तकनीकी से परिचय कराया गया जिससे तकनीकी से बच्चो का जुडाव आगे बना रहे |
समर कैम्प में चली विभिन्न गतिविधियों से बच्चे आपस में सहज हुए और उनकी झिझक दूर हुई | उनकी एकाग्रता में बृद्धि के साथ ही साथ अभिव्यक्ति की क्षमता का विकास हुआ | इसके साथ ही समूह में मिलकर एक साथ काम करने की क्षमता में भी बृद्धि हुई | विभिन्न तरह के किताबो को पढ़ने से ज्ञानार्जन होने के साथ ही साथ किताबो को पढ़ने का रुझान बढ़ा | इसके साथ ही स्थानीय मुद्दों की पहचान के साथ ही साथ संवाद करने की क्षमता में बृद्धि हुई | आसन तरीको व गतिविधियों के कारण बच्चो में गणित को समझने में आसानी हुई जिससे व्याहारिक जीवन में मैथ का प्रयोग सहजता से कर सकेंगे | विभिन्न गतिविधियों व लाईब्रेरी की गतिविधियों के माध्यम से उनकी भाषा के सन्दर्भ में स्थितियां पहले की अपेक्षा सुदृढ़ हुई |
सभी फैसिलिटेटर
का यह अनुभव रहा कि इस तरह की गतिविधियों से बच्चो के सीखने की क्षमता और
सर्वांगीण विकास में सहायक होती है | इस तरह की गतिविधियों को मदरसों में
योजनाबद्ध तरीके से जारी रखा जाएगा |
जिस तरह का
उत्साह और सक्रियता फैसिलिटेटरो में होनी चाहिए उसकी कमी दिखी | जिसपर टीम में
उनके साथ बात की गयी और आगे इस तरह की पुनरावृत्ति न हो इसका प्रयास किया जाएगा | साथ
ही उनलोगों का यह भी मानना था कि इस तरह की विभिन्न गतिविधियों में दक्षता हेतु और
प्रशिक्षण और तैयारी की आवश्यकता है | पोर्र्व में मदरसों में इस तरह की कोइ
गतिविधि न होने से हमलोगों का अनुभव इस तरह की गतिविधियों के लिए नहीं रहा जिसके
कारण भी कुछ कमियाँ समर कैम्प के दौरान रह गयी | समर कैम्प में बच्चो को आकर्षित
करने के लिए साज सजावट की कमी थी |
समर कैम्प के दौरान
केंद्र पर डिस्प्ले की गयी किताबो की लिस्ट :
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क्र.स |
पुस्तक का नाम |
क्र.स |
पुस्तक का नाम |
क्र.स |
पुस्तक का नाम |
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1 |
आम के सिर पे |
2 |
हड्डी और अन्य नाटक |
3 |
टिपिक पा भर्र |
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4 |
अक्ल बड़ी या भैस |
5 |
जल्द बहुत जल्द |
6 |
तितिलियाँ और अन्य खिलौने |
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7 |
अंडे में एक और अंडा |
8 |
उल जुलूल |
9 |
तुमने मेरा अंडा तो नहीं देखा |
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10 |
अँधेरे का भूत |
11 |
जूं और टू |
12 |
छूटकी उल्ली |
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13 |
आई एक खबर |
14 |
खिचड़ी |
15 |
तीन साथी |
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16 |
बादलों के साथ एक दिन |
17 |
किताब! किताब! किताब! |
18 |
छोटी लाल मुर्गी |
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19 |
बांकी बांकी धूप |
20 |
मै भी |
21 |
पास या नापास |
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22 |
बाल्टी के अंदर समन्दर |
23 |
मन के लड्डू |
24 |
पत्ते ही पत्ते |
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25 |
बम्बू : टस
से मस न होने वाला गधा |
26 |
मेघ की छाया |
27 |
वसीयत |
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28 |
बरास्ता तरबूज |
29 |
मिजबान |
30 |
अनया का अंगूठा |
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31 |
बारिश |
32 |
मेढक का नास्ता |
33 |
क्यूँ भई क्यूँ |
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34 |
बाजार |
35 |
नन्हे चूजे की दोस्त |
36 |
क्या होता अगर |
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37 |
बीज बोया |
38 |
नाव चली |
39 |
चतुर खरगोश ने आग चुराई |
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40 |
भालू ने खेली फूटबाल |
41 |
निलोफर की मुस्कान |
42 |
एक दोस्त की जरूरत है |
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43 |
बिल्ली बोली म्याऊ |
44 |
ऊंट का फूल |
45 |
पापा की मूंछे |
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46 |
बिल्ली के बच्चे |
47 |
प्रणव स्कूल कैसे गया |
48 |
अम्बिली |
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49 |
चूहे को मिली पेंसिल |
50 |
पायल खो गई |
51 |
कागज का जादू |
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52 |
साइकिल पर था कौवा |
53 |
ऋतुओं का स्कूल |
54 |
पूरी जो कड़ाही से निकल गयी |
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55 |
धम्मक धम्मक |
56 |
रुसी और पुसी |
57 |
रमा के तारे |
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58 |
दूध जलेबी जगग्गा |
59 |
रुखी सूखी |
60 |
याकिटी याक |
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61 |
एक आधार अनेक आकार |
62 |
शाहंशाह अकबर को कौन सिखाएगा |
63 |
राजू और तरकारी |
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64 |
एक दो दस |
65 |
सौर उर्जा की कहानी |
66 |
कछुआ और खरगोश |
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67 |
गाँव का बच्चा |
68 |
पेड़ |
69 |
सूरज और शेर सिंह |
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70 |
घुमन्तुओ का डेरा |
71 |
तीन दोस्त |
72 |
सुशीला के कोलम |
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73 |
हांथी की हिचकी |
74 |
टेसू राजा बीच बाजार |
75 |
नन्हे मददगार |
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76 |
मेरा परिवार |
77 |
गुल्ली का गजब पिटारा |
78 |
काग भगोड़ो की ढीठोली |
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79 |
घर जाना है |
80 |
साइकिल पर था कौवा |
81 |
अटपटी |
|
82 |
बबली और भूरे भेड़िये |
83 |
दोस्त या दुश्मन |
84 |
पांच दोस्त |
|
85 |
चालाक किसान और चार ठग |
86 |
ऐसे जीव जिन्हें भुला नहीं जा सकता |
87 |
सो जाओ सुंदर सपनों में खो जाओ |
|
88 |
स्कूल का पहला दिन |
89 |
अच्छा कौन |
90 |
भिखारी राजा |
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91 |
बुढिया की रोटी |
92 |
चीटी की चढाई |
93 |
छोटा सेर बड़ा शेर |
|
94 |
दोस्त बनाये नये
नये |
95 |
डूम डूम की
कुर्सी |
96 |
हॉपी |
|
97 |
कौन बड़ा |
98 |
लौट के चूहा घर को आया |
99 |
मरता क्या न करता |
|
100 |
सबका एक नाम है |
101 |
रोजा |
102 |
शाबास कमला |
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103 |
उल्टा पुलटा |
104 |
पेड़ घुमने चला |
105 |
समझ का फेर |
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106 |
चिड़िया घर का नाई |
107 |
गवैया गधा |
108 |
आम की कहानी |
|
109 |
अब जवाब दो |
110 |
रिक्की |
111 |
अनोखा रिश्ता |
|
112 |
अपना घर |
113 |
बोलने वाली घडी |
114 |
बाजार की सैर |
|
115 |
चिड़िया घर की सैर |
116 |
छोटी चीटी काम बड़ा |
117 |
छोटी-छोटी
बातें |
|
118 |
हमारी धरती |
119 |
दुष्ट कौवा |
120 |
गुस्सा |
|
121 |
हमारे जल पक्षी |
122 |
हम हिन्दुस्तानी |
123 |
जैसी हूँ मै अच्छी हूँ |
|
124 |
खेल – खेल
में भारत देखो |
125 |
मत्स्य |
126 |
मेहनत की कमाई का सुख |
|
127 |
मुत्थु के सपने |
128 |
नन्ही खो गयी |
129 |
पशु-पक्षी
का नाम बताएं |
|
130 |
फूल और मधुमक्खी |
131 |
साधारण रोग |
132 |
छुपा रुस्तम |
|
133 |
बच्चों के लिए कहानियां |
134 |
लाली और उसका घोडा |
135 |
अम्मा कहाँ हैं |
|
136 |
मटकू बोलता है |
137 |
नौ नन्हे पक्षी |
138 |
सबका साथी सबका दोस्त |
|
139 |
अपना गीत |
140 |
पापा चले जंगल
में |
141 |
रूपा हाथी |
|
142 |
गोलू की ढफली |
143 |
सूरज और शशी |
144 |
खरगोश और कछुए की दौड़ |
|
145 |
सबसे प्यारा कौन |
146 |
धरती से सागर तक |
147 |
दादी ने की बुनाई |
|
148 |
सचित्र कहानियां |
149 |
एक परंपरा का अंत |
150 |
जब आये पहिये |
|
151 |
सिंह और कांटा चूहा |
152 |
रविवार है कितना अच्छा |
153 |
पंचतंत्र की कहानियां -1 |
|
154 |
मैडम बीलू |
155 |
सूरजमुखी और तितलियाँ |
156 |
चतुराई का पुरस्कार |
|
157 |
साइकिल पर था कौवा |
|
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